कश्मीर में आॅपरेशन आॅलआउट के मिशन पर सेना, तीन आतंकियों के खिलाफ सर्च आॅपरेशन जारी


सुरक्षा बलों और आंतकवादियों के बीच आज शुक्रवार को तड़के सुबह मुठभेड़ की खबर आ रही है। वहीं अनंतनाग जिले के श्रीगुफवारा इलाके में आतंकवादियों के खिलाफ सेना ने सर्च आपरेशन शुरू कर दिया है।

जम्मू कश्मीर में मौजूदा समय में राज्यपाल शासन लगा हुआ है। इसी बीच सुरक्षा बलों ने आंतकवादियों के खिलाफ अपनी कारवाई में तेजी ला दी है। मिली खबरों के मुताबिक अनंतनाग जिले के श्रीगुफवारा इलाके में आज तड़के सुबह सुरक्षा बलों और आंतकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी।
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वहीं शुरूआती खबरों के मुताबिक करीब दो से तीन आंतकवादियों के छुपे होने की खबरें सामने आ रही है, हालांकि सेना ने मुस्तैदी दिखाते हुए पूरे इलाके को घेर लिया है। 

जानकारी के लिए आपको बता दें, सुरक्षा बलों ने साउथ कश्मीर के पुलवामा जिले में भी आंतकवादियों के खिलाफ एक सर्च आपरेशन शुरू कर दिया है। इस दौरान खुफिया सूचना के आधार सुरक्षाबलों ने पुलवामा के काचीपोरा इलाके को घेर लिया है और इलाके में तनाव को देखते हुए पूरी सेना अलर्ट पर है।
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देशभक्ति और जांबाजी तो औरंगजेब के खून में थी, परिवार के कई लोग हैं सेना में

* शहीद के पिता ने कहा हमारा परिवार सैनिकों का परिवार
* हनीफ ने कहा- मैंने देश सेवा के लिए बेटे को सेना में भेजा था
* 'लोग अगर बच्चों को सेना में नहीं भेजेंगे तो फिर देश के लिए कौन लड़ेगा?'
* औरंगजेब के परिवार के कई लोग रह चुके हैं सेना में


नेशनल डेस्क. शहीदों का परिवार कैसा होता है इसकी मिसाल हैं सेना के जवान औरंगजेब की फैमिली। बेटा शहीद हो गया लेकिन पिता कहना है, 'मेरा बेटा मारा गया लेकिन फौज में अपने बेटों को भेजना बंद मत करना।' औरंगजेब के पिता मोहम्मद हनीफ पूछते हैं अगर लोग सेना में अपने बच्चों को नहीं भेजेंगे तो लड़ेगा कौन। बता दें कि औरंगजेब 4 जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फेंटरी में थे और फिलहाल उनकी तैनाती शोपियां के शादीमार्ग स्थित 44 राष्ट्रीय राइफल में थी। मेंढर तहसील के रहने वाले औरंगजेब को आतंकियों ने उस वक्त अगवा कर लिया था, जब वे छुट्‌टी लेकर निजी वाहन से ईद मनाने घर जा रहे थे। इसके बाद बर्बरता से उनकी हत्या कर दी थी। उन्हें गुरुवार सुबह 9:30 बजे कलमपोरा से अगवा किया गया था और उसी रात उनका शव पुलवामा में मिला था। दरअसल देशभक्ति और और जांबाजी औरंगजेब को विरासत में मिली है।  
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औरंगजेब की फैमिली में देश पर मर मिटने वाले और भी...

- औरंगजेब का पूरा परिवार ही देश के लिए मर मिटने को तैयार है। पिता हनीफ खुद आर्मी में रह चुके हैं। हनीफ के मुताबिक औरंगजेब के दादा भी आर्मी में थे और शहीद हुए थे। आतंकवादियों ने हनीफ के एक चाचा को भी मार डाला था। हनीफ के छह बेटों में सबसे बड़े बेटे का नाम मोहम्मद कासिम है, वो भी आर्मी में ही हैं। जबकि दो छोटे बेटे मो. तारिक और मो. शब्बीर भी आर्मी में जाने की तैयार में है। तारिक जहां लिखित परीक्षा और फिजिकल टेस्ट पास कर चुका है। वो फिलहाल मेडिकल टेस्ट के लिए पुणे में है। वहीं शब्बीर लिखित परीक्षा की तैयारी कर रहा है।

- 24 साल के औरंगजेब मेंढर के सलानी गांव के रहने वाले हैं, जहां उनका परिवार एक मंजिला मकान में रहता है। घरवाले उन्हें प्यार से 'जेबी' कहते थे। औरंगजेब की मां का नाम राज बेगम है। वे 10 भाई-बहनों में चौथे नंबर के थे। उनकी चार बहनें भी हैं।

- सेना से रिटायर हो चुके पिता मोहम्मद हनीफ की उम्र 55 साल है। बेटे की शहादत पर कहते हैं- 'मौत तो एक दिन आनी ही है, मैंने उसे देश की सेवा के लिए सेना में भर्ती किया था। एक सैनिक का काम है वो दुश्मनों का खात्मा करे या शहीद हो जाए। हमारा परिवार सैनिकों का परिवार है।'

14 साल पहले औरंगजेब के चाचा की भी आतंकियों ने की थी हत्या

- औरंगजेब के चाचा मो. लतीफ खुद भी सेना से रिटायर्ड हैं। उनका कहना है कि 14 साल पहले आतंकियों ने इसी तरह हमारे छोटे भाई अब्दुल रहमान (औरंगजेब के चाचा) को घर से अगवा करने के बाद हत्या कर दी थी। उनके मुताबिक एकबार फिर आतंकियों ने हमारे परिवार पर कहर बरपा दिया है।

- लतीफ का कहना है कि 'हमने कभी किसी का कुछ नहीं बिगाड़ा, हम गरीब लोग हैं। गांव में ना ज्यादा खेती बाड़ी है, ना ही कोई रोजगार। अपना और परिवार का पेट पालने के साथ ही देश का कर्ज चुकाने के लिए हम सेना की नौकरी करते हैं। मैंने बीस साल आर्मी में दिए, मेरे भाई हनीफ ने 22 साल फौज में नौकरी की। औरंगजेब और उसका बड़ा भाई भी फौज में है। हमारे परिवार में अभी भी दर्जन भर लड़के फौज में हैं और इतने ही फौज से रिटायर हो चुके हैं।'

गांव के 70 प्रतिशत लोग सेना में

- शहीद औरंगजेब के गांव सलानी की खासियत ये है कि यहां रहने वाले हर दूसरे परिवार का कोई ना कोई सदस्य सेना या पुलिस में है।

- गांव के लोगों के मुताबिक एक वक्त पर पड़ोस के गांव कस्सबलाड़ी को आतंकियों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के बाद अपना दूसरा गढ़ बना रखा था। हालांकि हमारे गांव में कोई आतंक के रास्ते पर नहीं गया।

- सलानी गांव के करीब 70 प्रतिशत लोग सेना या पुलिस में जॉब कर रहे हैं। गांव में रहने वाले मोहम्मद का कहना है कि एक वक्त पर इस गांव में आतंकवादियों के बड़े-बड़े दल घूमा करते थे, तब भी हमारे गांव के नौजवान यहां आयोजित होने वाली सेना, सीआरपीएफ, बीएसएफ और पुलिस की भर्ती में सबसे आगे होते हैं।
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ईद के दिन सुपुर्द-ए-खाक हुआ भारत का शेर औरंगजेब, अंतिम श्रद्धांजलि देने उमड़ी हजारों की भीड़


देशभर में जहां एक तरफ ईद का जश्न मनाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ भारत माता के शेर औरंगजेब को अंतिम विदाई दी गई। शहीद औरंगजेब का पार्थिव शरीर शनिवार दोपहर करीब एक बजे पुंछ में उनके गांव सलानी पहुंचा।

शहीद के दर्शन करने के लिए हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इनमें न सिर्फ उनके गांव के लोग, बल्कि बड़ी संख्या में आसपास के गांव वाले भी पहुंचे हैं। इस दौरान सेना के अफसर और जवान भी अपने इस साथी को अंतिम विदाई देने यहां पहुंचे।
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शहीद औरंगजेब को सुपुर्द-ए-खाक किए जाने से पहले सेना के अफसरों ने उनके पिता मोहम्मद हनीफ से मुलाकात की। देश के लिए अपने बेटे को गंवा चुके मोहम्मद हनीफ के इरादे अब भी कमजोर नहीं पड़े हैं। वह अब भी कह रहे हैं कि घाटी के लिए आतंक घातक है। वह घाटी में मौजूद आतंकवाद के लिए वहां के नेताओं को जिम्मेदार मानते हैं।


 उन्‍होंने सेना के अफसरों कहा, सेना को अब कश्मीर से आतंकवाद को उखाड़कर फेंकना होगा। उन्होंने कहा, घाटी में नेता सत्ता के लिए जवानों को मरवा रहे हैं। लेकिन अब आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख दिखाना होगा। उन्होंने कहा मुझे सिर्फ अपने बेटे को खोने का दर्द नहीं है, ये सिर्फ मेरे परिवार का दुख नहीं है।

शहीद जवान के उनके पार्थिव शरीर को श्रीनगर की बादामी बाग छावनी स्थित 92 बेंस हॉस्पिटल में रखा गया था, जहां से भारतीय सेना द्वारा शहीद जवान के पार्थिव शरीर को विमान के जरिये श्रीनगर से पुलवामा और फि‍र उनके गांव लाया गया। औरंगजेब को आतंकियों ने बीते गुरुवार की सुबह अगवा कर लिया था, जिसके बाद उनका गोलियों से छलनी शव पुलवामा से बरामद हुआ था। वह ईद मनाने के लिए छुट्टी लेकर अपने घर जा रहे थे। औरंगजेब के चाचा को भी 2004 में आतंकवादियों ने मार डाला था। औरंगजेब के पिता खुद सेना से रिटायर हैं, जबकि उनका एक बड़ा भाई सेना में है। 
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आतंकी समीर टाइगर को मारने वाले सैनिक औरंगजेब का शव मिला, आतंकियों ने दी दर्दनाक मौत


जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकवादियों ने गुरुवार को सेना के जिस जवान अपहरण किया था, उसकी देर शाम दर्दनाक तरीके से हत्या कर दी गई। सेना के जवान औरंगजेब का शव पुलवामा के गूसो इलाके में पाया गया है।

औरंगजेब पुंछ जिले के निवासी थे। जवान के अगवा होने की खबर के बाद से पुलिस और सेना ने तलाशी अभियान चला रखा था।
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रिपोर्ट्स के अनुसार, औरंगजेब उसी कमांडो ग्रुप का हिस्सा थे, जिसने हिज्बुल कमांडर समीर टाइगर को मार गिराया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, औरंगजेब 44 राष्ट्रीय राइफल्स में बतौर राइफलमैन शोपियां जिले में तैनात थे। आतंकियों ने उस वक्त औरंगजेब का अपहरण किया, जब वह ईद की छुट्टी लेकर घर लौट रहे थे। औरंगजेब ऐंटी-टेरर ग्रुप के सदस्य थे।

पुलवामा और आसपास के इलाके में आतंकी काफी सक्रिय हैं। आतंकवादियों ने बुधवार देर रात ही एक स्थानीय नागरिक और पुलिसकर्मी को भी अगवा कर लिया था। इन दोनों का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है।

अगवा पुलिसकर्मी की पहचान मोहम्मद इश्क अहमद के रूप में हुई है और वह एक स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) हैं। वहीं अगवा किए गए स्थानीय नागरिक की पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है। 
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AIIMS में नेताओं का जमावड़ा,PM मोदी के बाद लालकृष्ण आडवाणी भी वाजपेयी से मिलने पहुंचे


एम्स में भर्ती पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का हालचाल जानने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद अब लालकृष्ण आडवाणी भी एम्स अस्पताल पहुंच गए हैं। 

लालकृष्ण आडवाणी के साल बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी भी मौजूद हैं। स्वास्थ्य में गिरावट में आने के कारण पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को सोमवार को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया। एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया के नेतृत्व में डॉक्टरों की एक टीम उनके स्वास्थ्य की जांच में जुटी हुई है। हालांकि एम्स ने पूर्व प्रधानमंत्री के स्वास्थ्य को स्थिर बताया है।
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अटल बिहारी वाजपेयी के अस्वस्थ्य होने की खबर पर उनका हाल जानने के लिए नेताओं का एम्म में आना-जाना बना हुआ है। सबसे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी एम्स पहुंचे और उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। राहुल गांधी के बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी एम्स जाकर पूर्व प्रधानमंत्री का हालचाल लिया। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनकी कुशलक्षेम जानने के लिए एम्स गए। गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी अटल बिहारी वाजपेयी से मिलने अस्पताल जाएंगे। पीएम मोदी करीब 1 घंटे तक अस्पताल में मौजूद रहे। 

कंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा तो अस्पताल में ही ठहरे हुए हैं। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी वाजपेयी  से मिलने के लिए एम्स गए। उनके अलावा बीजेपी के कई अन्य नेताओं ने भी एम्स का रुख किया. वाजपेयी जी परिजनों ने बताया कि यह उनका रूटीन चैक-अप है और उनका स्वास्थ्य इस समय स्थिर है।

बता दें अटल बिहारी वाजपेयी काफी समय से अस्वस्थ हैं और पिछले कई सालों से नई दिल्ली में 6-ए कृष्णामेनन मार्ग स्थित सरकारी आवास में रहते हैं। उन्होंने उठने-बैठने और बोलने में भी दिक्कत होती है। जानकारी के मुताबिक अब उन्हें लोगों को पहचानने में भी परेशानी होती है. घर पर ही एम्स के डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख के लिए तैनात है।
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एक बार फिर दिखा उर्वशी रौतेला का बोल्ड अवतार, फैन्स ने तारीफ में कहा-रियल फैशन दीवा


हेट स्टोरी 4 एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपने बोल्ड अंदाज के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में उन्हें यंग मोस्ट ब्यूटीफुल वुमन इन यूनिवर्स 2018 के लिए चुना गया। अपनी खुशी को जाहिर करते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की

पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि "जिस सुंदरता को हम प्यार करते हैं, वह है जो हम करते हैं। इस तस्वीर में उर्वशी रौतेला एक्ट्रेस ने चेयर पर बैठकर पोज दिए। उर्वशी के इस वीडियो को साढ़े तीन लाख से ज्यादा व्यू मिले हैं। इसे पोस्ट किए सिर्फ 10 घंटे हुए हैं। उर्वशी रौतेला के 80 लाख इंस्टाग्राम फॉलोअर्स हैं। इस फोटोशूट वीडियो पर कमेंट करते हुए कुछ फैन्स ने उर्वशी को सुपर ब्यूटी लिखा तो किसी उन्हें रियल फैशन दीवा कहा।
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24 साल की उर्वशी सनम रे, ग्रेट ग्रैंड मस्ती आदि में नजर आ चुकी हैं। आखिरी बार में उन्हें फिल्म हेट स्टोरी 4 में देखा गया था। इस फिल्म में उन्होंने काफी बोल्ड और बेड सीन दिए थे। इस सीन्स की वजह से एक्ट्रेस काफी दिनों तक सुर्खियों में बनी हुई थी। बात करें तो अब उर्वशी कोई हिट फिल्म नहीं दी है। ना ही लोगों ने उनकी एक्टिंग को पसंद किया है।

उर्वशी एक कॉमेडी फिल्म करने वाली हैं। यह फिल्म भी एक बोल्ड कॉमेडी फिल्म होगी। बताया जा रहा है कि, इस मूवी का नाम भानुप्रिया होगा। इसमें उर्वशी एक शर्मिली लड़की का रोल निभाएंगी। 
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चीन रवाना हुए PM मोदी, पहली बार भारत बनेगा पूर्ण सदस्य के रूप में SCO का हिस्सा


चीन में आज से दो दिवसीय शंघाई सहयोग संठगन एससीओ) शिखर सम्मेलन शुरू हो रहा है। शिखर सम्मेलन से पहले पीएम मोदी ने बताया कि भारत पहली बार पूर्ण सदस्य के रूप में SCO का हिस्सा बनने जा रहा है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश के पूर्ण सदस्य के तौर पर समूह की पहली बैठक में वह भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने को लेकर रोमांचित हैं। मोदी आज चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे। इस बैठक में दोनों नेता करीब एक महीने पहले वुहान में हुई अनौपचारिक बैठक में लिए गए निर्णयों का जायजा लेंगे। पीएम मोदी चीन के लिए दिल्ली से रवाना हो गए हैं।
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प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया कि 9 और 10 जून को एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए मैं चीन के चिंगदाओ में रहूंगा। एक पूर्ण सदस्य के तौर पर भारत के लिए यह पहला एससीओ शिखर सम्मेलन होगा। एससीओ देशों के नेताओं के साथ बातचीत होगी और उनके साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे।

2001 में स्थापित SCO में वर्तमान में आठ सदस्य हैं जिनमें भारत, कजाखिस्तान, चीन, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। भारत और पाकिस्तान को पिछले साल एससीओ में शामिल किया गया था। 
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सरकार की चेतावनी: शाम 7 बजे के बाद घर से ना निकलें लोग, वरना खुद होंगे अपनी मौत के जिम्मेदार


कुदरत भी आजकल तांडव मचा रही है। सरकार ने चेतावनी दी है कि लोग घर से ना निकलें।
भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि अगले 7 घंटों के दौरान बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, आगरा और इसके आसपास के जिलों में तूफान और बारिश की आशंका है इसलिए लोग सावधान रहें।
गौरतलब है कि इससे पहले उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में शनिवार रात आए आंधी-तूफान से 17 लोगों की मौत हो गई थी, तूफान से सबसे ज्यादा तबाही मुरादाबाद जिले में हुई थी, जहां 7 लोग मौत का शिकार हुए थे।
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वैसे आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश इस वक्त गर्मी और उमस का बुरी तरह से शिकार है, यूपी मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता के अनुसार, बुधवार को यूपी के कई जिलों में तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक का इजाफा होने की बात कही है, यहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, आर्द्रता का स्तर 80 फीसदी से अधिक दर्ज किया जाएगा जिससे उमस बढ़ेगी।

आज राजधानी लखनऊ में न्यूनतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं इलाहाबाद में 41 और वाराणसी में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने बताया कि कानपुर में अधिकतम 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 
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यहां मात्र 42 रुपए जमा करके हर महीने पाएं 5000 हजार,आज से पहले नहीं देखी होगी इतनी गजब की स्कीम


पैसा, पैसा हाए ये पैसा। सबको चाहिए पैसा, कम खर्च करके सब ज्यादा फायदे के चक्कर में हैं तो वे लोग खुश हो जाएं।

प्राइवेट नौकरी करने वाले हमेशा भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं। ऐसे में मोदी सरकार की अटल पेंशन योजना आपके काम आ सकती है। प्राइवेट क्षेत्र में काम कर रहे लोगों के लिए यह योजना बहुत खास है।
इस योजना के तहत आप कम राशि जमा करवा के पेंशन के रूप में बड़ी राशि प्राप्त कर सकते हैं। यदि किसी कारणवश आपकी मृत्यु हो जाती है तो आपके परिवार वाले इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
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आज हम आपको इस आर्टिकल की मदद से अटल पेंशन योजना से जुड़ी हर छोटी बड़ी जानकारी देंगे। अटल पेंशन योजना को 9 मई 2015 को लांच किया गया था। लेकिन ज़्यादातर लोग सरकार की इस योजना से अनजान हैं। इस योजना का लाभ आप बैंक से फॉर्म लेकर या वेबसाइट से डाउनलोड करके उठा सकते हैं। इस योजना का मकसद बुढ़ापे में व्यक्ति को सहारा देना है।

यह योजना उन लोगों के लिए है जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं। 18 से 40 वर्ष की उम्र के लोग इस योजना का फायदा उठा सकते हैं। जो लोग आयकर का भुगतान नहीं करते या फिर जिनका ईपीएफ और ईपीएस अकाउंट खाता नहीं है, यह सुविधा उन लोगों के लिए है। इस योजना के तहत 60 साल के होने पर आपको पेंशन मिलेगा। पेंशन के रूप में आपको 1000 से लेकर 5000 रुपये मिलेंगे। मान लीजिये यदि आप इस योजना के अंतर्गत हर महीने 42 रुपये जमा करवाते हैं तो 60 साल की उम्र के बाद आपको हर महीने 1000 की पेंशन मिलेगी। वहीं हर महीने 210 रुपये जमा करवाने पर 60 वर्ष की उम्र की बाद आपको 5000 रुपये पेंशन दी जाएगी। हर महीने आपके खाते में यह राशि अपने आप ट्रान्सफर हो जायेगी। जो लोग इस योजना का हिस्सा 31 मार्च 2016 तक बन चुके हैं उनके पहले 5 वर्षों में जमा होने वाली रकम का 50 फीसदी का योगदान सरकार द्वारा दिया जाएगा।


मान लीजिये यदि अकाउंट होल्डर की मौत 60 वर्ष के बाद हो जाती है तो पेंशन की रकम उनके पार्टनर या जीवनसाथी को दी जायेगी। वहीं अगर उनकी पत्नी/पति की भी मौत हो जाती है तो नॉमिनी की एकमुश्त रकम मिलेगी जो कि 1000 रुपये पेंशन के लिए 1 से 7 लाख और 5000 पेंशन के लिए 5 से 8 लाख होगी।



इस योजना में आप अपनी उम्र और जितनी पेंशन आप चाहते हैं उसके हिसाब से चुनाव कर सकते हैं। मान लीजिये यदि आपकी उम्र 18 साल है और आप 60 साल के बाद 1000 रुपये पेंशन चाहते हैं तो इसके लिए आपको हर महीने केवल 42 रुपये जमा करने होंगे। वहीं हर महीने 84 रुपये जमा कर के आप 2000 रुपये पेंशन पा सकते हैं। 3000 की पेंशन के लिए आपको हर महीने 126 रुपये जमा करवाना होगा। ज्यादा जानकारी के लिए दी हुई लिस्ट देखिये और जानिए उम्र के हिसाब से कितनी रकम जमा करवानी होगी आपको।

अटल पेंशन योजना बूढ़े होते भारतीयों के लिए सुरक्षा लाई है, जबकि इसके साथ ही समाज के निम्न और निम्न मध्य वर्ग के तबकों में बचत और निवेश की संस्कृति को प्रोत्साहित भी करती है। इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसका फायदा समाज के गरीब से गरीब तबके का व्यक्ति भी ले सकता है। भारत सरकार ने पांच साल तक हर साल हर अंशदाता के अंशदान का 50 प्रतिशत या 1,000 रुपए (जो भी कम हो) का योगदान देने का फैसला किया है। यह अंशदान सिर्फ उन्हें ही मिलेगा, जो आयकर नहीं चुकाते और जो इस योजना में 31 दिसंबर 2015 से पहले शामिल हो जाएंगे।


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बदले की आग में इंटरनेट पर डाली लड़कियों की फोटो,आने लगे गंदे मैसेज,आरोपी को देख फटी रह गई आंखें


राजधानी दिल्ली से साइबार क्राइम का मामला सामने आया है। इस मामले में 10वीं की पढ़ने वाली छात्रा की तस्वीरें इटरनेट पर दुरुपयोग किया गया है।

मामले का जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि आरोपी और पीड़ित छात्राएं पूर्वी दिल्ली के प्रीत विहार इलाके में एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ती हैं। आनंद विहार पुलिस ने बताया कि उन्हें अचानक एक ही स्कूल की कई छात्राओं के परिजनों की ओर से शिकायत मिली कि उनकी बच्चियों के मोबाइल नंबर पर अश्लील मैसेज आने शुरू हो गए हैं।
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पुलिस की साइबर सेल ने जब मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि एक डेटिंग ऐप पर पीड़ित बच्चियों के प्रोफाइल बना दिए हैं। पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो पता चला इसके पीछे कोई और नहीं बल्कि उनके क्लास का आरोपी छात्र है। 

पूछताछ के दौरान आरोपी छात्र ने बताया कि उसके साथ पढ़ने वाली लड़कियां उसकी हर छोटी से छोटी शरारत की शिकायत टीचर से कर देती थीं। इस बात से नाराज होकर उसने यह कदम उठाया। उसने बदला लेने के लिए डेटिंग ऐप पर छात्राओं के प्रोफाइल बना डाले।


आरोपी छात्र ने बताया कि उसने पहले सोशल मीडिया के जरिए साथी छात्राओं की तस्वीरें डाउनलोड कीं और वहीं से उनके मोबाइल नंबर भी हासिल कर लिए। इसके बाद उसने डेटिंप ऐप पर इन 10 छात्राओं की प्रोफाइल बना डाली।


प्रोफाइल बनने के बाद छात्राओं के पास अचानक अश्लील मैसेज और वीडियो कॉल आने लगे। छात्राओं ने अपने-अपने परिजनों से शिकायत की तो परिजन शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस को अब तक 10 छात्राओं के परिजनों से ऐसी शिकायत मिली है।

शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल ने पड़ताल शुरू की और सर्विलांस के जरिए छानबीन की तो इन सबके पीछे छात्राओं के साथ पढ़ने वाला एक 15 साल का छात्र ही निकला। पुलिस ने बीते शुक्रवार को आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया और उसे बाल सुधार गृह भेज दिया।
  
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कश्मीर में 500 पत्थरबाजों ने घेरी सेना की गाड़ी, जवानों ने सीने पर पहिया चढ़ा गद्दार को दी मौत


जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में शुक्रवार को 500 से ज्यादा पत्थरबाजों ने सीआरपीएफ की एक गाड़ी को घेर लिया। इस गाड़ी के अंदर CRPF के एक बड़े अधिकारी बैठे हुए थे।
पत्थरबाजों की फौज उग्र थी और सेना की गाड़ी को पलटने की कोशिश कर रही थी। कुछ पत्थरबाजों ने गाड़ी का शीशा तोड़ा और अधिकारी को बाहर खींचने की कोशिश करने लगे।

इसी दौरान जिप्सी चला रहे सीआरपीएफ के जवान ने पत्थरबाजों से बचने के लिए दो पत्थरबाजों के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी, जिसमें से एक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। इस मामले में सीआरपीएफ के खिलाफ कश्मीर में दो एफआईआर दर्ज हो गई हैं। एक तरफ पूरे देश में पत्थरबाजों की इस हरकत से गुस्से का माहौल है, वहीं दूसरी ओर कश्मीरी नेता मानवाधिकार का रोना रो रहे हैं।
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दरअसल, ये घटना शुक्रवार को श्रीनगर की जामा मस्जिद के पास हुई। बताया जा रहा है कि नौहट्टा इलाके में सीआरपीएफ की एक जिप्सी वरिष्ठ अधिकारी को लेकर गुजर रही थी। यह जिप्सी जामा मस्जिद के पास वाले इलाके से गुजर रही थी। जुमे की नमाज के बाद बड़ी संख्या में कश्मीरी यहां सुरक्षाबलों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। तभी वहां से जिप्सी गुजरती देख इन लोगों ने उसे घेर लिया। 

पहले तो पत्थरबाजों ने गाड़ी पर कई पत्थर मारे और फिर उसे पलटने की कोशिश भी की। इसी दौरान ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए दो लोगों पर गाड़ी चढ़ा दी और वहां से अधिकारी को सुरक्षित निकालने में कामयाब रहा। दोनों घायलों को शौरा के शेर एक कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार को कैसर अहमद नाम के लड़के की मौत हो गई। घटना के बाद कश्मीरियों ने आरोप लगाया कि सेना का वाहन जानबूझ कर भीड़ में घुस गया था।  


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उड़ी से भी बड़ा आतंकी हमला, CRPF के काफिले के 42 जवान शहीद

14 फरवरी, 2019. शाम के करीब 3 बजकर 20 मिनट हो रहे थे. इसी वक्त जम्मू -कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों ने सीआरपीएफ के एक बड़े काफिले पर हमल...